ग्रीन एनर्जी में बड़ा कदम: Waaree Energies लगाने जा रही है बैटरी की मेगा फैक्ट्री, ₹8000 करोड़ निवेश की चर्चा

ग्रीन एनर्जी में बड़ा कदम: Waaree Energies लगाने जा रही है बैटरी की मेगा फैक्ट्री, ₹8000 करोड़ निवेश की चर्चा

ग्रीन एनर्जी सेक्टर में एक और बड़ी हलचल देखने को मिल रही है। सोलर पैनल बनाने के लिए जानी जाने वाली कंपनी Waaree Energies अब बैटरी मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में बड़ा दांव खेलने की तैयारी में है। खबर है कि कंपनी आंध्र प्रदेश सरकार से बातचीत कर रही है ताकि वहां एक बड़ी लिथियम-आयन बैटरी फैक्ट्री स्थापित की जा सके।

यह कदम ऐसे समय पर उठाया जा रहा है जब देश में इलेक्ट्रिक व्हीकल्स और सोलर-विंड प्रोजेक्ट्स की मांग तेजी से बढ़ रही है।

आखिर क्या है कंपनी की योजना?

बताया जा रहा है कि कंपनी 16 से 20 GWh क्षमता वाली बैटरी गीगा फैक्ट्री लगाने की सोच रही है। आसान शब्दों में कहें तो यह एक बहुत बड़ा प्लांट होगा जहां बैटरी सेल से लेकर बैटरी पैक और बड़े स्टोरेज सिस्टम तक सबकुछ बनाया जाएगा।

अगर यह प्रोजेक्ट जमीन पर उतरता है तो भारत में बैटरी आयात पर निर्भरता कुछ हद तक कम हो सकती है। अभी तक बड़ी संख्या में बैटरियां बाहर से मंगाई जाती हैं।

निवेश कितना होगा?

यह प्रोजेक्ट कंपनी अपनी सहायक इकाई Waaree Energy Storage Solutions Pvt. Ltd. के जरिए आगे बढ़ाएगी। निवेश का आंकड़ा करीब ₹8,000 करोड़ बताया जा रहा है।

कंपनी की मौजूदा बैटरी क्षमता लगभग 3.5 GWh है, जिसे बढ़ाकर करीब 20 GWh तक ले जाने का लक्ष्य है। यानी यह विस्तार छोटा नहीं, बल्कि सीधे कई गुना बड़ा है।

आंध्र प्रदेश में क्यों?

रिपोर्ट्स के अनुसार, प्लांट आंध्र प्रदेश के अनाकापल्ली जिले के रामबिल्ली इलाके में लगाया जा सकता है। इस प्रस्ताव को प्रारंभिक मंजूरी Andhra Pradesh State Investment Promotion Board से मिल चुकी है।

यह बोर्ड मुख्यमंत्री N. Chandrababu Naidu के नेतृत्व में काम करता है। राज्य के मंत्री Nara Lokesh ने भी इस प्रोजेक्ट को राज्य के लिए बड़ा अवसर बताया है।

आंध्र प्रदेश पहले से ही इंडस्ट्रियल निवेश को आकर्षित करने की कोशिश में है, इसलिए यह डील दोनों पक्षों के लिए फायदेमंद मानी जा रही है।

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रोजगार और शेयर पर असर

कंपनी का अनुमान है कि इस प्रोजेक्ट से करीब 3,000 लोगों को सीधा रोजगार मिल सकता है। निर्माण चरण में इससे भी ज्यादा लोगों को काम मिलने की संभावना रहती है।

जैसे ही यह खबर बाजार में आई, कंपनी के शेयर में हल्की तेजी देखने को मिली। निवेशकों को लगता है कि बैटरी सेगमेंट में एंट्री भविष्य में कंपनी के लिए नया ग्रोथ इंजन बन सकती है।

क्या यह गेम चेंजर साबित होगा?

भारत तेजी से इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की तरफ बढ़ रहा है। आने वाले वर्षों में बैटरी की मांग और बढ़ेगी। ऐसे में अगर Waaree Energies यह प्लांट सफलतापूर्वक स्थापित कर लेती है, तो यह कंपनी के बिजनेस मॉडल को सोलर से आगे बढ़ाकर एनर्जी स्टोरेज तक मजबूत बना सकता है।

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डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन है। निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें।

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